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मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में शहरी विकास योजनाओं की समीक्षा : स्वच्छ भारत मिशन: देश में छत्तीसगढ़ प्रथम स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत रायपुर के लिए 3940 करोड़ का प्रस्ताव


मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मंत्रालय (महानदी भवन) में शहरी विकास योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य के शहरों में आम जनता के लिए बिजली, पानी और सड़क सुविधाओं का विकास और स्वच्छता राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए शहरी निकायों को सरकार हर संभव सहायता दे रही है। उन्होंने उन्होंने अधिकारियों को शहरों में बिजली, पानी और सड़क से संबंधित सभी निर्माण कार्यों को तत्परता से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित नगरीय प्रशासन और विकास विभाग की बैठक में बताया गया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत नागरिकों के घरों में शौचालयों के निर्माण में छत्तीसगढ़ पूरे देश में पहले नम्बर पर चल रहा है। राज्य के 168 शहरी निकायों के अन्तर्गत दो लाख 65 हजार 110 निजी शौचालय के निर्माण के लक्ष्य के विरूद्ध अब तक एक लाख 65 हजार से ज्यादा शौचालय बनाए जा चुके हैं। इसी तरह प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को सिर्फ चार लाख रूपए में मकान दिलाने के मामले में भी गुजरात के बाद छत्तीसगढ़ दूसरे नम्बर पर है। इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ सरकार ने 369 करोड़ रूपए की लागत से 15 परियोजनाओं में सात हजार 357 मकानों के निर्माण का लक्ष्य लेकर निविदा प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। ये मकान झुग्गी बस्तियों के लोगों के लिए बनाए जाएंगे।  प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जुलाई माह तक मंजूर किए गए सात हजार 357 मकान रायपुर शहर के डुमरतराई, कोटा और शंकर नगर में तथा दुर्ग जिले के जामुल, उमदा, भिलाई (चरोदा), बोरसी और करहीडीह, बिलासपुर शहर के अशोक नगर और इंदिरा विहार सहित जगदलपुर शहर के धरमपुरा में और जिला मुख्यालय रायगढ़ के भगवानपुर में मंजूर किए गए हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना में रायपुर विकास प्राधिकरण के अंतर्गत इन्द्रप्रस्थ और छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अंतर्गत जशपुर जिले के ग्राम गमरिया, जिला दंतेवाड़ा के चितालंका और जिला बस्तर (जगदलपुर) के चोकोवाड़ा में भी मकान बनाने की योजना है।
बैठक में यह भी बताया गया कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सुव्यवस्थित विकास के लिए तीन हजार 940 करोड़ रूपए का प्रस्ताव है। परियोजना के लिए सलाहकार का चयन किया जा रहा है। दूसरे चरण में बिलासपुर शहर को प्रतियोगिता में शामिल किया गया है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि नया रायपुर को स्मार्ट सिटी फास्ट ट्रेक प्रतियोगिता में दूसरे चरण में शामिल किया जाएगा। राज्य के पन्द्रह शहरों में नौ हजार 143 रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली का लक्ष्य था, इनमें से पांच हजार 143 भवनों में यह कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इनमें 13 नगर निगम और दो नगरपालिकाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने बैठक में दीनदयाल अंत्योदय योजना के तहत राष्ट्रीय शहरीय आजीविका मिशन के काम-काज की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि इस मिशन के तहत ग्यारह हजार महिला स्व-सहायता समूहों का गठन किया गया है। इनमें एक लाख 24 हजार से ज्यादा महिलाएं शामिल हैं। उनके लिए कौशल प्रशिक्षण का भी प्रावधान किया गया है। अगले तीन साल में शहरी क्षेत्रों के 60 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिलाकर स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य है। प्रदेश में बी.एस.यू.पी. योजना के तहत बारह हजार 860 स्वीकृत मकानों मे से नौ हजार 240 मकान पूर्ण कर लिए गए हैंे। शेष मकानों का निर्माण मार्च 2017 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने शहरी क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था और सफाई व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राज्य के छोटे-बड़े और मंझोले शहरों में से चार शहरों का चयन कर उनमें ऐसे स्मार्ट कॉर्नर विकसित किए जाएं, जहां पार्क, वाईफाई सुविधा और अन्य जरूरी सुविधाएं सुव्यवस्थित रूप से उपलब्ध रहें। ये कॉर्नर शहरों को स्मार्ट बनाने के लिए मॉडल के रूप में होंगे।
बैठक में यह भी बताया गया कि अमृत मिशन  के तहत राज्य के नौ शहरी क्षेत्रों – रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव, अम्बिकापुर, जगदलपुर, रायगढ़ और कोरबा को मिशन सिटी घोषित किया गया है, जहां जल प्रदाय योजना, भूमिगत सीवरेज प्रणाली, मोबाइल चार्जिंग पाइंट, लोगों के बैठने के लिए आरामदायक फर्नीचर सहित हरियाली से परिपूर्ण स्थलों के विकास को पहली प्राथमिकता में रखा गया है। स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए वर्ष 2020 का लक्ष्य निर्धारित कर दो हजार 119 करोड़ रूपए की कार्य योजना बनाई गई है। इसमें से 882 करोड़ रूपए सीवरेज पर और 50 करोड़ पर बगीचों के निर्माण पर खर्च करने का प्रावधान है।  अमृत मिशन के क्रियान्वयन के लिए भिलाई और कोरबा शहरों में कुल 450 करोड़ रूपए की जल प्रदाय परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। इसके लिए निविदा प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। राजनांदगांव, रायपुर, बिलासपुर और अम्बिकापुर की जलप्रदाय योजनाओं के लिए फिजिबलिटी रिपोर्ट तैयार हो गई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को रायपुर, बिलासपुर, भिलाई, कोरबा, राजनांदगांव और धमतरी शहर में अगले छह महीने के भीतर सड़कों पर प्रकाश व्यवस्था के लिए एलईडी लाइट लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि माना विमानतल तक आने जाने के लिए 76 करोड़ रूपए के स्वीकृत एयरपोर्ट हाईवे का निर्माण दिसम्बर 2017 तक पूर्ण करने के लक्ष्य को ध्यान में रखकर कार्य में तेजी लाई जाए। मुख्यमंत्री ने राजधानी रायपुर में 49 करोड़ रूपए की लागत से बनने  वाले अंतर्राज्यीय बस स्टैंड का निर्माण अगस्त 2018 तक पूर्ण करने  के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी  कहा कि राजधानी के दलदल सिवनी में जून 2017 तक लक्ष्य के अनुरूप सिटी पार्क का निर्माण भी पूर्ण किया जाए।
बैठक में नगरीय प्रशासन और विकास मंत्री श्री अमर अग्रवाल, मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अमन कुमार सिंह, वित्त विभाग के सचिव श्री अमित अग्रवाल, वाणिज्य और उद्योग विभाग के सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की विशेष सचिव सुश्री शहला निगार, नगरीय प्रशासन विभाग के विशेष सचिव डॉ. रोहित यादव, नया रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रजत कुमार और संचालक जनसम्पर्क श्री राजेश सुकुमार टोप्पो सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।