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स्वच्छ भारत मिशन : राज्य के शहरों में अगले वर्ष के लिए 316 करोड़ का बजट


स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत मिशन क्लीन सिटी,निजी / सामुदायिक शौचालयों, प्रचार –प्रसार के क्रियान्वयन के लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 में 316 करोड़ रु की राशि का प्रावधान किया गया है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की 165 नगरीय निकायों में मिशन क्लीन सिटी परियोजना प्रारंभ की गई है। इस मिशन के अंतर्गत स्थानीय महिला समूहों द्वारा डोर टू डोर कचरे का कलेक्शन, पृथकीकरण और गीले कचरे से कम्पोस्ट का उत्पादन किया जाएगा। इससे जहां एक और शहर का वातावरण स्वच्छ होगा वहीं दूसरी ओर स्थानीय महिला स्वसहायता समूहों के लिए रोजगार के नवीन अवसर भी सृजित होंगे। राज्य शासन द्वारा नगरीय निकायों को योजना के क्रियान्वयन के लिए एसएलआरएम सेंटर के निर्माण और वाहन उपकरण खरीदने के लिए राशि भी उपलब्ध कराई जा रही है। नगर निगम बिलासपुर में कचरे से कंपोस्ट निर्माण संयत्र की स्थापना के लिए कार्रवाही पूरी कर ली गई है। नगरीय निकायों को योजना के क्रियान्वयन के लिए एसएलआरएम सेंटर, कम्पोस्ट शेड निर्माण, ट्रायसाईकल रिक्शा, डस्टबिन खरीदी हेतु 75.14 करोड़ रुपए की राशि जारी कर दी गई है। नगर पालिक निगम रायपुर में कचरे से बिजली उत्पादन हेतु निविदा आमंत्रित करने की कार्रवाही प्रारंभ की गई है। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा कचरे से विद्युत उत्पादन करने के लिए प्रस्तावित संयत्र को कचरा उपलब्ध कराया जाएगा।

‘स्वच्छ अंबिकापुर मिशन’ बना मॉडल  

स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत अंबिकापुर नगर निगम द्वारा क्रियान्वित ‘स्वच्छ अंबिकापुर मिशन’ को भारत सरकार द्वरा बेस्ट प्रेक्टिस प्रोजेक्ट घोषित किया गया है। उक्त परियोजना को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित वी. रामचंद्रन अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस प्राप्त करने का गौरव हासिल हुआ है। अंबिकापुर मॉडल की सफलता को देखते हुए प्रदेश के 165 नगरीय निकायों में मिशन क्लीन सिटी परियोजना प्रारंभ की गई है।

‘मिशन क्लीन सिटी’ में इस तरह होगा काम

मिशन क्लीन सिटी योजना  के अंतर्गत सबसे पहले कचरे का डोर टू डोर कलेक्सन किया जाएगा। इसके बाद महिला समूहों द्वारा कचरे के पृथकीकरण का काम किया जाएगा। सूखे और गीले कचरे को अलग करने के बाद सूखे कचरे को बेचा जाएगा और गीले कचरे से कम्पोस्ट बनाई जाएगी। योजना प्रारंभ होने से पहले महिला स्वसहायता समूहों, अधिकारियों, कर्मचारियों का प्रशिक्षण पूरा कर लिया गया है। निकायों के 4-4 सदस्यीय दलों को क्षमता विकास के लिए अंबिकापुर मॉडल देखने हेतु भेजा गया।