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छत्तीसगढ़ के 1218 गांव खुले में शौच से मुक्त मिशन के तहत प्रदेश में बने 2.90 लाख निजी शौचालय


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की फ्लेगशिप स्कीमों में से एक स्वच्छ भारत मिशन के तहत छत्तीसगढ़ में बेहतर काम हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा प्रदेश में स्वच्छता अभियान की सत्त समीक्षा के फलस्वरूप जनवरी 2016 की स्थिति में छत्तीसगढ़ के 1218 गांव पूरी तरह खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) हो गए हैं। इस दौरान प्रदेश भर में 2 लाख 90 हजार 729 परिवारों में पक्के शौचालयों का निर्माण किया गया है। इसमें से 56 हजार 298 शौचालय शहरी क्षेत्रों में बनाए गए हैं। राजनांदगावं जिले के अम्बागढ़-चौकी विकासखण्ड पूरी तरह ओडीएफ विकासखंड बनने की ओर अग्रसर है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में स्वच्छ भारत मिशन के क्रियान्वयन के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के स्थान पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है और इसके लिए एक अलग प्रकोष्ठ गठित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मंशा के अनुरूप 2019 तक प्रदेश को पूरी तरह खुले में शौच से मुक्त करना है। इसके लिए पांच वर्षों की कार्ययोजना बनायी गई है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 2 अक्टूबर 2019 तक प्रदेश के 25 लाख 93 हजार 150 शौचालय विहीन घरों में पक्के शौचालयों का निर्माण किया जाना है। इस मिशन के तहत अब तक लगभग 2 लाख नब्बे हजार शौचालय बनाए जा चुके हैं और लगभग 3 लाख 34 हजार शौचालयों का निर्माण प्रगति पर है। इनमें से 496 ग्राम पंचायतों के 1218 गांव पूरी तरह खुले में शौच से मुक्त हो गए हैं। राजनांदगांव के अम्बागढ़ चौकी विकासखंड के 69 ग्राम पंचायतों के सभी गांवों के सभी घरों में राज्य सरकार और जनभागीदारी से पक्के शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है। इस विकासखंड को ओडीएफ विकासखंड घोषित करने के लिए मूल्यांकन का कार्य किया जा रहा है। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में बड़ी संख्या में शौचालयों के निर्माण के लिए लाईवलीहुड कॉलेजों सहित स्थानीय स्तर पर राज मिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रूपए और शहरी क्षेत्रों में 18 हजार रूपए राज्य सरकार द्वारा दिए जाते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने इस अभियान में जनभागीदारी बढ़ाने और जनजागरूकता लाने के लिए समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले प्रमुख नौ व्यक्तियों को नवरत्न नियुक्त किया है, जो अपने-अपने क्षेत्रों में जनजागरूकता के कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा जिला स्तर और ग्राम स्तर पर प्रमुख व्यक्तियों को नव रत्न बनाया गया है।