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जन जागरूकता और मजबूत इच्छा शक्ति से ही कचरे का स्थायी निपटारा संभव


नगरीय प्रशासन और विकास मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने आज यहाँ  राजधानी रायपुर के वी आई पी रोड स्थित एक निजी होटल में “ठोस अपशिष्ट प्रबंधन” पर आयोजित कार्यशाला का शुभारम्भ किया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जन-जागरूकता और मजबूत इच्छा शक्ति से ही कचरे का टिकाऊ निपटारा संभव है । राज्य शहरी विकास अभिकरण द्वारा 13 नगर पालिक निगमों के महापौर और आयुक्त तथा  43 नगर पालिका परिषदों के अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों  के लिए किया गया था। श्री अग्रवाल ने कहा कि  प्रदेश के शहरों में कचरे के दीर्घकालिक निपटारे के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है और इसके लिए प्रारंभिक व्यवस्थाओं पर लगने वाला पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। उन्होंने कहा कि जन जागरूकता और मजबूत इच्छा शक्ति से ही कचरे का टिकाऊ निपटारा संभव है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि बढ़ते शहरीकरण और औद्योगिकीकरण के साथ कचरे का प्रबंधन पूरे विश्व के लिए एक ज्वलंत समस्या बना हुआ है।शहरीकरण और औद्योगिकीकरण  विकास का परिचायक है और विकास के साथ किसी भी प्रकार का समझौता करना मुश्किल है। इसलिए कचरे के दीर्घकालिक निपटारे के  लिए  कारगर तरीका ढूंढना ही एकमात्र उपाय है। उन्होंने कहा आज की इस कार्यशाला का उद्देश्य ऐसे ही उपायों पर विचार करना है। प्रदेश में 13 नगर पालिक निगम,43 नगर पालिका परिषदें और 112 नगर पंचायतें हैं।इन सभी नगरीय निकायों के आकार के मुताबिक कचरे के निपटारे के लिए हर जगह के लिए परिस्थिति के अनुसार अलग-अलग प्रणालियों का विकास करना होगा  , क्योंकि बड़े और छोटे शहरों से निकलने वाले कचरे का प्रकार और स्वरुप भी अलग-अलग है। उन्होंने बताया कि ठोस अपशिष्ट के  अलग अलग  तरीके हैं जैसे रीसाइक्लिंग,कम्पोस्ट निर्माण,बिजली उत्पादन आदि। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि कचरे से बिजली निर्माण की लागत बहुत अधिक है इसलिए केंद्र सरकार ने दिशा निर्देश तय कर दिए हैं कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत कचरे से निर्मित बिजली सरकार खरीदेगी ।  उन्होंने नगर पालिक निगम अंबिकापुर में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की शुरुआत के लिए राज्य शासन द्वारा किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। अंबिकापुर में अपनायी गयी प्रणाली कारगर साबित हुयी है जो कचरे के दीर्घकालिक निपटारे में काफी हद तक मददगार है।

कार्यशाला के प्रथम सत्र में हैदराबाद से आये विषय विशेषज्ञ  श्री शिवा किरण  ने डी सेंट्रलाइस्ड वेस्ट मैनेजमेंट और जीरो वेस्ट सिटी अप्रोच विषय पर अपना प्रस्तुतीकरण दिया।कार्यशाला  के द्वितीय सत्र में मध्य प्रदेश शासन से आये ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के विशेषज्ञ श्री के के श्रीवास्तव ने अपने मध्यप्रदेश में संचालित क्लस्टर बेस्ड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की जानकारी दी। मध्य प्रदेश  शासन के ही श्री नीलेश दुबे ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से सम्बंधित संस्थागत सुधारों की जानकारी दी। मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन और विकास विभाग के आई ई सी विशेषज्ञ श्री संजीव परसाईं ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रभावी एवं आवश्यक प्रचार प्रसार विधियों की जानकारी दी।

कार्यशाला में उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन समिति की स्थायी सदस्य श्रीमती अलमित्रा पटेल प्रमुख वक्ता के रूप में शामिल हुयीं।उन्होंने  ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 की जानकारी कार्यशाला में आये प्रतिभागियों को दी। कार्यशाला में नगरीय प्रशासन और विकास विभाग की संसदीय सचिव श्रीमती सुनीति राठिया , विभाग के सचिव डॉ रोहित यादव , नगरीय प्रशासन और विकास विभाग के संचालक सह राज्य शहरी विकास अभिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री निरंजन दास, नगरीय प्रशासन और विकास विभाग के संयुक्त सचिव श्री जितेंद्र शुक्ल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सम्मिलित हुए.