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लोड कैरिंग कैपेसिटी के अध्ययन के लिए आई.आई.टी. मुम्बई का दल रायपुर पहुंचा : हर उद्योग एक एकड़ में कम से कम एक हजार पौधे लगाए


राजधानी रायपुर में प्रदूषण नियत्रंण के लिए किए जा रहे प्रयासों की श्रृंखला में रायपुर की लोड कैरिंग कैपेसिटी के अध्ययन के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई.आई.टी.), मुम्बई का एक दल रायपुर पहुंच गया है। यह दल रायपुर और आस-पास के 25 किलोमीटर के दायरे में प्रदूषण और प्रदूषण के कारणों का अध्ययन करेगा। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा आज यहां नवीन विश्राम गृह में आयोजित बैठक में आई.आई.टी. मुम्बई के दल ने स्थानीय उद्योगों के प्रतिनिधियों के साथ उद्योगों से होने वाले प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के उपायों के संबंध में विचार-विमर्श किया। अध्ययन दल ने कहा कि उद्योगों को एक एकड़ में कम से कम एक हजार पेड़ लगाने चाहिए। सभी उद्योगों को ओपेसिटी मीटर भी लगाना चाहिए।
बैठक में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव श्री देवेन्द्र सिंह ने हेजार्डस वेस्ट और म्यूनिसीपल वेस्ट की जानकारी को भी लोड कैरिंग कैपेसिटी में शामिल करने की आवश्यकता बताई। आई.आई.टी. मुम्बई के दल द्वारा बताया गया कि रायपुर के 25 किलोमीटर के दायरे में अध्ययन का कार्य किया जाएगा, जो चरणबद्ध रूप से पहले 5 किलोमीटर,  द्वितीय चरण में 10 किलोमीटर एवं तृतीय चरण में 25 किलोमीटर के क्षेत्र को अध्ययन के दायरे में शामिल किया जाएगा। अध्ययन दल द्वारा जानकारियों के संकलन के लिए एक प्रारूप उद्योगपतियों को दिया गया, जिसमें उद्योगपति विभिन्न बिन्दुओं पर जानकारी देंगे। बैठक में आई.आई.टी. मुम्बई के प्रोफेसर श्री अनिल के. दीक्षित और श्री इन्द्रकांत झा, सिलतरा स्पंज आयरन एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री आर.के. केजरीवाल और रोलिंग मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री अशोक अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में उद्योगपति उपस्थित थे।