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श्री अमर अग्रवाल ने किया ई-पंजीयन प्रक्रिया का शुभारंभ : एक साल में डिजिटलाइज किये जाएंगे रजिस्ट्री से संबन्धित सभी दस्तावेज


वाणिज्यिक और उद्योग मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने  आज यहां कलेक्ट्रेट स्थित रेडक्रॉस भवन में ई-पंजीयन प्रक्रिया का उद्घाटन किया। इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने कहा कि ई-पंजीयन प्रक्रिया के शुरु होने से आम लोगों को लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक करीब 64 लाख रजिस्ट्री हुई हैं और उनके करीब 7 करोड़ दस्तावेज हैं जिनका सुरक्षित रखरखाव बड़ी समस्या है। ऐसे में ई-पंजीयन प्रक्रिया शुरु होने से दस्तावेजों को सुरक्षित रखा जा सकेगा ।

श्री अग्रवाल ने कहा कि एक साल के अंदर सभी दस्तावेजों को डिजिटलाइज कर दिया जाएगा। ई-पंजीयन प्रक्रिया के बाद जमीनों की बिक्री में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने में भी मदद मिलेगी। श्री अग्रवाल ने कहा जनवरी से मार्च के बीच में सबसे ज्यादा रजिस्ट्री होती हैं और रजिस्ट्री कार्यालय में लंबी भीड़ लगती है जिससे अब निजात मिल सकेगी। पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग को उन्होंने तत्परता से काम करने के लिए बधाई दी और कहा कि आम नागरिकों को सुविधा देना ही शासन का लक्ष्य है। कार्यक्रम में पंजीयन एवं मुद्रांक के सचिव श्री अशोक अग्रवाल,महानिरीक्षक श्री श्याम धावड़े,रायपुर करलेक्टर श्री ओपी चौधरी उपस्थित रहे ।

कार्यक्रम की शुरुआत में पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग की ओर से जानकारी दी गई कि राज्य के 6 जिलों  रायपुर,दुर्ग,बिलासपुर,राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा, और रायगढ़ में ई-पंजीयन की प्रक्रिया शुरु की गई है। बहुत जल्द प्रदेश के सभी जिलों में ये सुविधा नागरिकों को प्रदान की जाएगी। ई-पंजीयन की प्रक्रिया में सबसे पहले पक्षकार द्वारा दस्तावेज की प्रस्तुति फिर कंप्युटर में की गई प्रविष्टियो की जांच की जाएगी उसके बाद दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया आरंभ होगी। दस्तावेजों की जांच होने के बाद यदि दस्तावेज अनुपयुक्त पाए जाते हैं तो दस्तावेज पक्षकार को वापस कर दिए जाएंगे। उपयुक्त दस्तावेज पाए जाने पर इलेक्ट्रॉनिक पद्धति से अगूंठे की छाप और फोटो ली जाएगी। इसके बाद पंजीयन शुल्क का भुगतान कार्यालय में जमा कराकर पंजीयन प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। उपरोक्त प्रक्रिया होने के बाद साफ्टवेयर के माध्यम से ई-पंजीयन की प्रक्रिया पूर्ण होकर सूचीकरण की रिपोर्ट स्वयं जनरेट हो जाएगी। इसके बाद उप पंजीयक द्वारा दस्तावेज में प्रयुक्त ई स्टाम्प सर्टिफिकेट को ऑनलाईन माध्यम से लॉक किया जाएगा और पंजीयन की कार्रवाई के बाद मूल दस्तावेज पंजीयन अधिकारी द्वारा पक्षकार को दे दिये जाएंगे। नामांतरण कार्य के लिए पंजीयन की जानकारी राजस्व विभाग को ऑन-लाइन भेजी जाएगी।