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ई कामर्स के विस्तार को देखते हुए सुसंगत कानूनी और कर ढांचे का होना आवश्यक


छत्तीसगढ़ के वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने आज नई दिल्ली में उद्योग भवन में ई-कामर्स पर आयोजित राज्यों के वाणिज्य और उद्योग मंत्रियों की परामर्श बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि ई-कामर्स के क्षेत्र में हो रहे तेजी से विस्तार को दृष्टिगत रखते हुए देश में सुसंगत कानूनी और कर ढांचे का होना अति आवश्यक है । श्री अग्रवाल बैठक की अध्यक्षता केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन और अन्य राज्यों के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री उपस्थित थे । श्री अमर अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान में ई-कामर्स उद्योग आई टी एक्ट 2000 से नियंत्रित होता है और ई-कामर्स के लिए कोई विशेष कानून नहीं है । यहीं नही देश के विभिन्न राज्यों में कर की दरे भी अलग अलग है ऐसे में ई कामर्स के विस्तार के साथ कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है । इसका समाधान शीघ्रता से किया जाना आवश्यक है । उन्होंने कहा कि ई-कामर्स संस्थाओं द्वारा बिक्री के विरूद्ध भुगतान की प्राप्ति व्यवस्था का समुचित प्रमाणीकरण भी आवश्यक है । उन्होंने इसे और अधिक व्यावहारिक बनाने पर जोर दिया । उन्होंने कहा कि इस प्रणाली के तहत उपयोगकर्ताओं की संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी और डाटा की गोपनीयता सुनिश्चित करना भी आवश्यक है । श्री अग्रवाल ने कहा कि ई-कामर्स उद्योग के लिए मजबूत वैश्विक और स्थानीय आपूर्ति नियम होना चाहिए । उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के नियमों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए साथ ही उपभोक्ता के हितो के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए । उन्होंने कहा कि पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ई-कामर्स वेबसाईट पर विक्रय के लिए उपलब्ध सामग्रियों और सेवाओं पर विक्रेता का नाम स्पष्ट रूप से अंकित किया जाना चाहिए । सामग्री की पैकेजिंग और प्रदाय की जिम्मेदारी भी संबंधित ई-कामर्स पोर्टल की होना चाहिए । बैठक में उद्योग विभाग के सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह भी उपस्थित थे ।