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डोंगरगढ़वासियों को मिली 37 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात : नया रोपवे निर्माण के लिए हुआ भूमिपूजन


मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज कहा कि डोंगरगढ़ एक अद्भुत नगरी है जहां सर्वधर्म की परिकल्पना साकार होती है। उन्होने कहा कि यही वह नगरी है जहां पर विभिन्न धर्मों का धार्मिक स्थल मौजूद है। मुख्यमंत्री आज राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ के छिरपानी परिसर में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने वहां 5 करोड़ 51 लाख रूपए की लागत से नया रोपवे और 3 करोड़ रूपए की लागत के बम्लेश्वरी विद्यालय भवन के शिलान्यास सहित 37.16 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन डोंगरगढ़ एवं राजनांदगांव जिले के लोगों के लिए महत्वपूर्ण दिन है। आज इस धार्मिक नगरी में मां बम्लेश्वरी के आशीर्वाद एवं आप सब के समन्वित प्रयासों से दर्शनार्थियों के लिए नये रोप-वे का निर्माण होने जा रहा है। इससे एक घंटे में 500 श्रद्धालु मां बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए आराम से आ-जा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि छिरपानी परिसर में नया रोपवे का निर्माण कार्य एक वर्ष के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सांसद श्री अभिषेक सिंह एवं डोंगरगढ़वासियों की मांग पर डोंगरगढ़ में अंडर ब्रिज निर्माण हेतु बजट में प्रावधान करने और डोंगरगढ़ के शासकीय अस्पताल के लिए नये भवन का निर्माण सहित अस्पताल में मरीजों के लिए सुविधा बढ़ाने कीघोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने पावर ग्रिड कार्पाेरेशन द्वारा दिव्यांग बच्चों के लिए 3.5 करोड़ रूपए की लागत से शिक्षण प्रशिक्षण सहपुनर्वास केन्द्र की स्थापना के लिए राशि दिये जाने के लिए धन्यवाद दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डोंगरगढ़ विकासखंड के सूखा प्रभावित किसानों को चेक प्रदान किया।

कृषि और धर्मस्व मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि अंचल एवं छत्तीसगढ़वासियों के लिए खुशी एवं सौगातों भरा दिन है। आज छिरपानी परिसर में माता के दर्शन हेतु नया रोपवे का निर्माण हो रहा है। जो चलने-फिरने में असहाय है। वे इस रोपवे के माध्यम से आसानी से माता का दर्शन कर सकेगे। सांसद श्री अभिषेक सिंह ने कहा कि डोंगरगढ़ वह पावन नगरी है जिसके कारण छत्तीसगढ़ की पहचान पूरे देश में होती है। सभी प्रमुख धर्मवालंबियों के प्रमुख धार्मिक केन्द्र स्थापित होने के कारण इस नगर की पहचान न केवल छत्तीसगढ़ एवं देश में वरन समूचे विश्व में एक प्रमुख धार्मिक नगरी के रूप में है। इस अवसर पर उन्होने डोंगरगढ़ वासियों की प्रमुख मांगों की ओर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का ध्यान आकृष्ट कराया।

कार्यक्रम में विधायक श्रीमती सरोजनी बंजारे ने मुख्यमंत्री और उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 5.5 करोड़ रूपए की लागत से चिचोला-डोंगरगढ़ मुख्य मार्ग में गजमरी नाला पर उच्च स्तरीय पूल निर्माण, 9.5 करोड़ रूपए की लागत से प्रज्ञागिरी स मुरमुंदा तक 5 किलोमीटर लंबी फोरलेन मार्ग का निर्माण, 9 करोड़ रूपए की लागत से चिरपानी, पिटेपानी, पिपरखार, बोरतलाव तक 7 किलोमीटर लंबी टू लेन मार्ग का निर्माण, 1.5 करोड़ रूपए की लागत से 50 सीट आईटीआई छात्रावास भवन का लोकार्पण किया। इसके अलावा दिव्यांश बच्चों के लिए 3.5 करोड़ रूपए की लागत से राजनांदगांव में बनने वाले शिक्षण-प्रशिक्षण सह प्रशिक्षण सह पुर्नवास पुर्नवास केन्द्र की स्थापना हेतु पावरग्रिड कार्पाेरेशन एवं शासन के मध्य एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया। कार्यक्रम में राजनांदगांव जिले के प्रभारी और लोक निर्माण मंत्री श्री राजेश मूणत, वनमंत्री श्री महेश गागड़ा, अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री रामजी भारती, नगर पालिका अध्यक्ष श्री तरूण हथेल, बम्लेश्वरी ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री पिताम्बर स्वामी सहित बड़ी संख्या जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।