dindayal-antyoday-yojna-social-security-for-poor

दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन से शहरी गरीबों को मिल रही सामाजिक सुरक्षा


छत्तीसगढ़ शासन,नगरीय निकायों और भारत सरकार के संयुक्त प्रयासों से शहरी गरीबों की बेहतरी के लिए दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन का संचालन किया जा रहा है। इस मिशन उद्देश्य शहरी गरीबों को रोजगार ,बेघर लोगों को आश्रय,सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। सड़क किनारे ठेला लगाकर आजीविका चलाने वालों को कई असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। उनकी असुविधा को देखते हुए समुचित स्थानों पर हॉकर्स कॉर्नर,वेण्डर्स बाजार आदि विकसित किए जा रहे हैं।

मिशन के प्रथम चरण में सभी जिला मुख्यालय और एक लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों में से राज्य के कुल 28 नगरीय निकायों को सम्मिलित किया गया है जो निम्न प्रकार हैं-रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, जशपुरनगर, अंबिकापुर, बैकुण्ठपुर, जगदलपुर, कांकेर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा, धमतरी, महासमुंद, दुर्ग, राजनांदगांव, भिलाई, कवर्धा, गरियाबंद, बेमेतरा, बालोद, सूरजपुर, बलरामपुर, जांजगीर-नैला, मुंगेली, बलौदाबाजार, कोण्डागांव। वित्तीय वर्ष 2016-17 में 50 हजार से अधिक जनसंख्या वाले 29 अन्य नगरीय निकायों को द्वितीय चरण में शामिल किया गया है जो निम्नानुसार हैं- सरायपाली, बागबाहरा, किरन्दुल, बचेली, सारंगढ़, खरसिया, अकलतरा, सक्ती,चांपा,

शिवपुरचरचा, मनेन्द्रगढ़, चिरमिरी, दीपिका, कटघोरा, तिफरा, रतनपुर, गोबरानवापारा, आरंग, दल्ली-राजहरा, भिलाई-चरौदा, कुम्हारी, अहिवारा, जामुल, तिल्दा-नेवरा, भाटापारा, डोंगरगढ़, खैरागढ़, बीरगांव।

योजना में महिलाओँ को 30 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। वहीं अल्पसंख्यकों को 15 प्रतिशत,दिव्यांगों को 3 प्रतिशत, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए शहर में निवासरत् इन जातियों के अनुपात में आरक्षण का प्रावधान किया गया है।

योजना के प्रमुख घटकों में सामाजिक गतिशीलता एवं संस्थागत विकास,कौशल प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट के माध्यम से रोजगार,रोजगार कार्यक्रम,क्षमता संवर्धन एवं प्रशिक्षण,शहरी विक्रेताओं को सहायता,शहरी गरीबों के लिए आश्रय योजना,संगवारी योजना प्रमुख हैं।

सामाजिक गतिशीलता एवं संस्थागत विकास- प्रत्येक शहर में शहरी आजीविका केंद्रों की स्थापना प्रस्तावित की गई है जिससे स्थानीय समूहों द्वारा उत्पादित माल को बाजार,प्लेसमेंट सर्विस द्वारा नगर वासियों को घर पहुंच सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ शासकीय योजनाओं की जानकारी दिए जाने का प्रावधान है।

कौशल प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट के माध्यम से रोजगार- इसके अंतर्गत शहरी गरीबों को कौशल प्रशिक्षण के द्वारा उन्नत रोजगार और स्व-रोजगार चाहने वालों को स्व-रोजगार से जोड़ा जा रहा है।

स्वरोजगार कार्यक्रम- इस घटक के अंतर्गत व्यक्तिगत एवं समूह व्यवसाय के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण वितरण द्वारा वित्त पोषण सुनिश्चित किया जा रहा है।

क्षमता संवर्धन एवं प्रशिक्षण- इस घटक के अंतर्गत राज्य और निकाय स्तर पर मिशन प्रबंधन इकाई का गठन कर राज्य स्तर पर 6 तकनीकी विशेषज्ञों तथा निकाय स्तर पर विशेषज्ञ की पदस्थापना कर मिशन का संचालन किया जाएगा।

शहरी पथ विक्रेताओं को सहायता- इस घटक के अंतर्गत पथ विक्रेताओं को सामाजिक सुरक्षा,कौशल उन्नयन ऋण सुविधा से जोड़ा जाएगा साथ ही पहचान-पत्र विक्रेताओं के लिए सुनिश्चित स्थान आदि सुविधाओँ से लाभान्वित किया जा रहा है।

शहरी गरीबों के लिए आश्रय योजना- घटक के अंतर्गत सामुदायिक आश्रय स्थल का निर्माण कर गरीबों एवं बेघर लोगों के लिए रहने  का स्थान और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है।