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नदी-नाले और तालाब समाज की अनमोल धरोहर

 


नगरीय प्रशासन और विकास मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने आज यहां सिहावा भवन में समाजसेवी संस्था कृषक बिरादरी के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के समापन सत्र में कहा कि पानी प्रकृति का अनमोल वरदान है। नदी, नाले और तालाब देश तथा समाज की अनमोल धरोहर हैं। पानी बचाना और पानी के इन बहुमूल्य स्त्रोतों का संरक्षण सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। यह दो दिवसीय कार्यशाला सतत विकास लक्ष्य, जल नीति और जलवायु परिवर्तन विषय पर आयोजित की गयी थी। श्री अग्रवाल ने विषय वस्तु पर प्रकाश डालते हुए यह भी कहा कि पानी के तमाम स्त्रोतों को प्रदूषण से मुक्त रखना भी हम सबकी जिम्मेदारी है, ताकि जल-जनित बीमारियों से भी बचाव किया जा सके। सरोवर या तालाब हमारी सांस्कृतिक धरोहर होने के साथ पानी के भी बहुत अच्छे स्रोत भी हैं। इसे ध्यान में रखकर छत्तीसगढ़ सरकार के नगरीय विकास विभाग द्वारा सरोवर धरोहर योजना संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा की भूमिगत जल वास्तव में हमारी भावी पीढ़ियों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट की तरह है, इसको बचाकर ही हम अपना भविष्य सुरक्षित रख सकते हैं। इसलिए पानी की बर्बादी नहीं करनी चाहिए। कार्यशाला में पूर्व कृषि मंत्री श्री चन्द्र शेखर साहू ने कहा की समाज की बेहतरी के लिए पानी का संतुलित उपयोग किया जाना चाहिए। इसके लिए एक समन्वित जल नीति बनाने की जरूरत है। कार्यशाला के समापन सत्र में मध्यप्रदेश शासन के पूर्व मुख्य सचिव श्री शरद चन्द्र बेहार ने ‘जल के सुशासन’ विषय पर अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर नगरीय निकायों में जल संरक्षण के उपायों पर चर्चा की गयी और इसके लिए कार्य योजना बनाने का सुझाव दिया गया। कार्यशाला में नगरीय निकायों के प्रतिनिधि और नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अनेक अधिकारी भी उपस्थित थे।