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छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास का नया दौर : सूक्ष्म और लघु उद्योगों में निवेश 40 गुना बढ़ा


भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए शुरू लैंड बैंक योजना के तहत इस वर्ष 6 हजार 254  हेक्टेयर भूमि आबंटन निवेशकों को होने वाली समस्याओं के समाधान के लिए पोर्टल

छत्तीसगढ के सुव्यवस्थित विकास के लिए औद्योगीकरण  की महत्वपूर्ण भूमिका है ।राज्य शासन ने प्रदेश में उद्योगों के विकास के लिए कई उल्लेखनीय कदम उठाये हैं । वर्ष 2003 से लेकर अब तक विगत 12 वर्षों में  प्रदेश में सूक्ष्म और लघु उद्योगों के क्षेत्र में पूंजी निवेश 40 गुणा बढा है। छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम से मिली जानकारी के मुताबिक इन उद्योगों में वर्ष 2003 में जहाँ 6 हजार 359 का पूंजी निवेश था वर्तमान स्थिति में बढकर  2 लाख 52 हजार 593 करोड़ रुपये हो गया है । उल्लेखनीय है वर्ष 2003  में जहाँ प्रदेश में सूक्ष्म और लघु उद्योगों की संख्या 6 हजार 488 थी जो दो गुणा बढ़कर वर्ष 2015 में 13 हजार 284 हो गयी है।.इन उद्योगों से वर्ष 2003 में जहाँ करीब 16 हजार लोगों को रोजगार मिल रहा था आज बढ़कर 1 लाख 6 हजार हो गया है । छत्तीसगढ़  में मध्यम-वृहद् उद्योगों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुयी है 2003 में प्रदेश में मध्यम –  वृहद्   उद्योगों की संख्या 26 थी जो आज 156 हो गयी है .पूंजी निवेश भी 1 हजार 885 करोड़ से बढ़कर 48  हजार 302 करोड़ हो गया है .इन उद्योगों में वर्ष 2003 मे जहाँ 8 हजार लोगों को रोजगार मिल रहा था। वर्तमान में 33 हजार से अधिक लोगों को रोजगार  मिल रहा है । प्रदेश में कोर सेक्टर के मेगा और अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट जो वर्ष 2003 में 13 थे आज 124 हो चुके हैं । वर्ष 2003 में  इन प्रोजेक्ट्स में करीब 8 हजार करोड़ का पूंजी निवेश था जो  बढ़कर 52 हजार 342 करोड़ हो गया है । वर्ष 2003 में जहाँ मात्र एक नवीन औद्योगिक क्षेत्र स्थापित था वर्तमान में प्रदेश में 11 नवीन औद्योगिक क्षेत्र स्थापित हैं ।
प्रदेश के वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ रमन  सिंह जी के कुशल नेतृत्व,परिणाममूलक नीतियों  और दूरदर्शिता का ही परिणाम है कि  आज प्रदेश में उद्योगों के विकास के लिए अनुकूल वातावरण निर्मित हो सका है । जिसका परिणाम है कि देश भर के उद्यमी और निवेशकों की  छत्तीसगढ़  में उद्योग स्थापना के लिए रूचि बढ़ी है.यह प्रदेश के लिए गर्व की बात है कि वर्ष 2014 में भारत सरकार के समक्ष दाखिल होने वाले निवेश अभिरुचि के प्रस्तावों में छत्तीसगढ़ का प्रथम स्थान रहा है । छत्तीसगढ़ को वर्ष 2014 में एक  लाख 62 हजार 584 करोड़ रुपये के निवेश अभिरुचि प्रस्ताव हासिल हुए हैं ।
साथ ही भारत सरकार द्वारा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस हेतु कराए गए सर्वेक्षण में भी छत्तीसगढ़ को देश के तीन अग्रणी राज्यों में शामिल किया गया है ।  राज्य शासन ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत अनेक कदम उठाये हैं जिसमें आवेदन पत्रों का ऑनलाइन निराकरण,दस्तावेजों की संख्या को यथा संभव कम करना ,थर्ड पार्टी निरीक्षण आदि शामिल है .जिससे निवेशकों को राज्य में सहजता पूर्ण व्यापार का अवसर मिले .इसके अतिरिक्त राज्य में अधो संरचना और औद्योगिक परियोजनाओं की स्थापना में निवेशकों को होने वाली समस्याओं के समाधान के लिए पोर्टल भी बनाया गया है जिसके माध्यम से निवेशक अपनी समस्याओं की जानकारी दे सकते हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2012 में आयोजित छत्तीसगढ़ ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट में 77 हजार 485 करोड़ रुपये के 257  एम् ओ यू निष्पादित हुए .जिसमे से 21 हजार 215 करोड़ के 26 एम् ओ यू के कार्य प्रगति पर हैं .प्रदेश में उद्योगों हेतु भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लैंड बैंक की भी स्थापना की जा रही है ताकि शेष एम ओ यू पर भी कार्य जल्द प्रारंभ हो सके। इस वर्ष 6 हजार 254  हेक्टेयर भूमि का आबंटन लैंड बैंक से किया गया है ।