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रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में निवेश की अच्छी संभावनाएं : श्री अमर अग्रवाल


छत्तीसगढ़ के वाणिज्य औरं उद्योग मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने पूंजी निवेशकों से राज्य में रक्षा उत्पादन से जुड़े उद्योग लगाने का आव्हान किया है। उन्होंने कहा कि रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में पूंजी निवेश की अच्छी संभावनाएं हैं। श्री अग्रवाल कल यहां छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआईडीसी) और भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। सम्मेलन में सशस्त्र बलों के अधिकारियों सहित रक्षा उपकरणों के निर्माण से जुड़ी प्रमुख कम्पनियों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ’मेक-इन-इंडिया’ के आव्हान को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार भी हरसंभव प्रयास कर रही है। श्री अमर अग्रवाल ने इस अवसर पर एक स्मारिका का भी विमोचन किया।
श्री अग्रवाल ने राज्य सरकार अपनी पंचवर्षीय उद्योग नीति (वर्ष 2014-19) के तहत निवेशकों को छत्तीसगढ़ में उद्योग लगाने के लिए हर प्रकार की सुविधा देने को तत्पर है।  उद्योगों को छत्तीसगढ़ में कई रियायतें भी दी जा रही हैं। छत्तीसगढ़ को ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की श्रेणी में शीर्ष स्थान पर पहुंचाने के लिए राज्य सरकार कटिबद्ध है। हाल ही में विश्व बैंक की रेंकिंग में छत्तीसगढ़ को इस श्रेणी में चौथा स्थान मिला है। छत्तीसगढ़ पहला राज्य है जहां युवाओं को छत्तीसगढ़ कौशल विकास अधिनियम के अन्तर्गत कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण प्राप्त करने का कानूनी अधिकार दिया गया है। राज्य के सभी 27 जिलों में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार का तकनीकी प्रशिक्षण देने के लिए लाईवलीहुड कॉलेज खोले जा चुके हैं। अब तक सभी क्षेत्रों में लगभग दो लाख युवाओं को विभिन्न व्यवसायों के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है।
प्रदेश सरकार के वाणिज्य और उद्योग विभाग के सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह ने सम्मेलन में राज्य सरकार की औद्योगिक नीति 2014-19 सहित सौर ऊर्जा, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, जैव प्रौद्योगिकी, सूचना प्रौद्योगिकी आदि क्षेत्रों में पूंजी निवेश के लिए राज्य सरकार की नीतियों पर प्रस्तुतीकरण दिया। भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त रियर एडमिरल श्री वर्मा ने सम्मेलन में बताया कि केन्द्र सरकार का वर्ष 2020 से 2025 के बीच रक्षा उत्पादन का 75 प्रतिशत स्वदेशीकरण करने का लक्ष्य है। केन्द्र सरकार अगले पांच वर्षों में देश की रक्षा जरूरतों का 75 प्रतिशत हिस्सा देश में ही उत्पादित उत्पादों से पूरा करना चाहती है। अगले पांच वर्षों में इस पर लगभग डेढ़ सौ अरब डालर का व्यय अनुमानित है। यह रक्षा संबंधी उद्योगों के विकास और विस्तार के लिए एक शानदार अवसर है। इस पूंजी निवेश से रक्षा उत्पादों के उत्पादन और व्यापार के व्यापक अवसर निर्मित होंगे। रक्षा उद्योगों का आकार लगभग दोगुना होने की संभावना है। साथ ही लगभग एक लाख बीस हजार लोगों को रोजगार के नये अवसर मिलने की संभावना है।
भारतीय उद्योग परिसंघ पूर्वी क्षेत्र के रक्षा टास्क फोर्स के अध्यक्ष श्री उमेश चौधरी ने बताया कि उनकी संस्था रक्षा क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में कार्य कर रही है। उद्योग और रक्षा क्षेत्र के बीच लिंकेज और व्यापार के नये-नये अवसरों की तलाश की जा रही है। राज्य सरकार की मेक इन छत्तीसगढ़ नीति, प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। केन्द्र सरकार की नीति के अन्तर्गत 84 हजार करोड़ के रक्षा उपकरण के आयात की जगह स्वदेशी उपकरणों और उत्पादों का उपयोग सुनिचित किया जाना है। छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगक विकास निगम के अध्यक्ष श्री छगन लाल मुंदड़ा, प्रबंध निदेशक श्री सुनील मिश्रा और भारतीय उद्योग परिसंघ छत्तीगसढ़ राज्य परिषद के अध्यक्ष श्री आशीष जैन ने भी सम्मेलन को सम्बोधित किया।