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साल के तेल को अखाद्य तेल की श्रेणी में रखा जाए-श्री अमर अग्रवाल : “व्यापार विकास और संवर्धन परिषद” की बैठक में वाणिज्य मंत्री ने छत्तीसगढ़ के मुद्दों को उठाया


छत्तीसगढ़ के वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने दिल्ली में आयोजित “व्यापार विकास और संवर्धन परिषद” की एक बैठक में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के उत्पादों के निर्यात से संबंधित मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया। विज्ञान भवन में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री मती निर्मला सीतारमण ने की । इस बैठक में भारत के सभी राज्यों के वाणिज्य मंत्री शामिल हुए। इस बैठक के आयोजन का उद्देश्य राज्य और केंद्र सरकार के बीच वाणिज्य और उद्योग के बीज बेहतर साझेदारी विकसित करना और देश से निर्यात को बढ़ावा देना है।

श्री अग्रवाल ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ वनों से समृद्ध राज्य है। यहां साल और कोकम पेड़ काफी मात्रा में हैं जिनका व्यवसायिक उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि साल के बीज का तेल को उपयोग बड़े और भारी उद्योगों की मशीनरी में ल्युब्रीकेंट के रूप में होता है और इसकी विदेशों में काफी मांग है। लेकिन वाणिज्य मंत्रालय द्वारा साल और कोकम को खाद्य तेल की श्रेणी में रखा गया है जिस वजह से इसके निर्यात में पांच प्रतिशत की प्रोत्साहन छूट नहीं मिल पाती है। उन्होंने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री से मांग की कि इन तेलों को अखाद्य श्रेणी के तेलों में रखा जाए ताकि छत्तीसगढ़ के आदिवासी और ग्रामीण इलाकों के लोगों को इसका लाभ मिल सके । यदि इन तेलों का निर्यात छत्तीसगढ़ से होता है तो यहां के लोगों एवं राज्य को आर्थिक रूप से काफी लाभ होगा। इस पर केंद्रीय मंत्री ने सहमति जताते हुए कहा कि वो छत्तीसगढ़ के इस मुद्दे को संबंधित विभाग के समक्ष उठाएंगी और समस्या का जल्द समाधान करने की कोशिश करेंगी।

श्री अग्रवाल ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को धन्यवाद देते हुए कहा कि पिछली बैठक में जो मुद्दे छत्तीसगढ़ ने मुद्दे उठाए थे उसका तुरंत निराकरण किया गया। उन्होंने बताया कि अब तक छत्तीसगढ के स्टील प्लांट कच्चे माल के लिए नागपुर के जरिये आयात करते थे। जो स्टील प्लांट के लिए काफी लंबी और खर्चीली प्रक्रिया होती थी। लेकिन अब छत्तीसगढ़ के स्टील प्लांट व्यवसाई देश के चुनिंदा 14 बंदरगाहों से सीधे कच्चे माल(एचएमस-1 और एचएमएस-2 स्कैप) का आयात छत्तीसगढ़ में ही कर सकते हैं। इस प्रक्रिया के सरलीकरण होने से स्टील व्यवसाइयों को समय और धन की काफी बचत हो रही है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य के निर्यात आयुक्त एवं उद्योग संचालक श्री कार्तिकेय गोयल ने राज्य द्वारा निर्यात के क्षेत्र में प्रगति और निर्यात के प्रोत्साहन के लिए उठाए गये कदमों की जानकारी दी।