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श्री अमर अग्रवाल ने ली दीनदयाल अन्त्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन की समीक्षा बैठक


नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अमर अग्रवाल की अध्यक्षता में आज यहां न्यू सर्किट हाउस में दीनदयाल अन्त्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्री अग्रवाल ने विभिन्न नगरीय निकायों से आए मिशन मैनेजरों से कहा कि हितग्राहियों के प्रशिक्षण एवं बैंक से लोन दिलाने के अलावा उनके रोजगार एवं व्यापार वृद्धि की भी कोशिश करें। मिशन मैनेजरों ने बैठक में बताया कि कुशल प्रशिक्षण के अभाव में जो स्व-रोजगार करने वाले मासिक तीन से चार हजार रुपए कमा रहे थे अब उनकी कौशल प्रशिक्षण के बाद आय 15 हजार रुपए मासिक तक हो गई है। बैठक में पाया गया कि मिशन की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में नवंबर 2016 तक देश में राज्य की अच्छी स्थिति है। स्वरोजगार कार्यक्रम व्यक्तिगत एवं समूह ऋण प्रकरण में लाभान्वित हितग्राहियों की संख्या के मामले में छत्तीसगढ़ राज्य देश में दूसरे नंबर पर है। शहरी बेघरों के लिए आश्रय योजना में राज्य का देश में 5वां स्थान है। कौशल प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट के माध्यम से प्लेसमेंट की स्थिति में राज्य देश में तीसरे नंबर पर है। समीक्षा बैठक में भारत सरकार द्वारा राज्य में चिह्नांकित उत्कृष्ट कार्यों पर भी प्रकाश डाला गया।  जिनमें स्वंय सहायता समूह के लेखा के लिए समस्त निकायों में एक समान लेखा-पुस्तिका,पासबुक संधारण किया गया है। भिलाई शहर में तृतीय लिंग समुदाय के उत्थान हेतु कौशल प्रशिक्षण का संचालन किया जा रहा है। घरेलू कामकाजी महिलाओं के आर्थिक उन्नयन के लिए अभिनव परियोजना संगवारी रायपुर और बिलासपुर में स्वीकृत की गई है।

समीक्षा बैठक में मिशन के मुख्य घटक क्षमता विकास एवं प्रशिक्षण इकाई,सामाजिक गतिशीलता,कौशल प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट के माध्यम से रोजगार, संगवारी योजना, शहरी बेघरों के लिए आश्रय योजना आदि की समीक्षा की गई। समीक्षा में बताया गया कि सामाजिक विकास एवं संस्थागत विकास के अंतर्गत वर्ष 2016-17 में दिसंबर 2016 तक करीब 4 हजार स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है। कौशल प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट के माध्यम से दिसंबर 2016 तक सात हजार से ज्यादा लोगों को कौशल प्रशिक्षण दिया गया एवं इनमें से करीब सत्ताइस सौ लोगों को रोजगार दिलवाया गया। स्वरोजगार कार्यक्रम के तहत वर्ष 2016-17 में 3 हजार 6 सौ 50 लक्ष्य के सापेक्ष 2356 का लक्ष्य प्राप्त किया गया। शहरी पथ विक्रेताओं को सहायता ,शहरी बेघरों के लिए आश्रय एवं क्षमता विकास एवं प्रशिक्षण की प्रगति के दौरान पाया गया कि प्रस्तावित 24 आश्रय स्थलों में से 17 आश्रय स्थलों को मंजूरी मिल गई है एवं 3 शुरु हो गए हैं। संगवारी योजना की समीक्षा के दौरान पाया गया कि  योजना में 250 महिलाएं 10 बैच में प्रशिक्षणरत हैं एवं जल्द ही प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें प्लेसमेंट भी दिलाया जाएगा।