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नगरीय प्रशासन और विकास मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने की प्रदेश के 12 नगर पालिक निगमों की समीक्षा


नगरीय प्रशासन और विकास मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने आज यहाँ नवीन विश्राम गृह के सभागार में सुबह 11 बजे से 3 बजे तक  प्रदेश के 12 नगर पालिक निगमों संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं ,विकास कार्यों और राजस्व प्रगति की समीक्षा की .श्री अग्रवाल ने निर्देश दिए कि जिन नगर निगमों में भी जलावर्धन योजनाओं के तहत निर्माण कार्य चल रहा वे जल्द से जल्द निर्माण पूर्ण कराएँ .श्री अग्रवाल ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत  संचालित हर घर शौचालय –हर घर नल की समीक्षा करते हुए कहा कि कार्य में तेजी लायें ताकि प्रदेश के सभी शहरों को खुले में शौच मुक्त किया जा सके .बैठक में उन्होंने प्रधान मंत्री आवास योजना,भागीरथी नल जल योजना ,वाटर ए टी एम् योजना ,ठोस अपशिष्ट प्रबंधन ,राजस्व संग्रहण एवं संपत्ति कर की भी समीक्षा की .

राज्य शासन द्वारा नगरीय निकायों में स्थित भवनों में अतिरिक्त निर्माण पर लगने वाले जुर्माने पर छूट देने का निर्णय लिया है। 31 दिसंबर तक संपत्ति कर पर लगे जुर्माने का भुगतान करने वाले नागरिकों को केवल 10 प्रतिशत जुर्माना देना होगा । इस प्रकार नागरिकों को लगभग 98 प्रतिशत की छूट सरकार द्वारा दी जा रही है । नगरीय प्रशासन और विकास मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने  आम नागरिकों से अपील की है कि सरकार  ने प्रदेश के नागरिकों के हित में यह निर्णय लिया है और सभी नागरिक इसका लाभ उठायें और अपने भवन निर्माण की सही जानकारी देते हुए जुर्माने का भुगतान करें।उल्लेखनीय है कि नियमानुसार अतिरिक्त निर्माण पर पांच गुणा जुर्माने का प्रावधान है। श्री अग्रवाल  ने आज यहाँ प्रदेश के 13 नगर पालिक निगमों और 44 नगर पालिका परिषदों की समीक्षा बैठक के दौरान  यह बात कही । उन्होंने सभी नगर निगम आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे  शासन की इस छूट के बारे में अधिक से अधिक प्रचार करें ताकि आम नागरिक इसका फायदा उठा सकें। उन्होंने  निकायों में आतंरिक अंकेक्षण के पश्चात्  आ रही ऑडिट आपत्तियों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश भी दिये हैं। उन्होंने उच्च अधिकारियों को निर्देश दिए की वित्तीय अनियमितता पाई जाने पर संबंधितों के विरुध्द कड़ी कार्रवाई करें।श्री अग्रवाल ने निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री आवास योजना  के तहत आवासों के निर्माण के लिए भूमि का  चिन्हांकन कर जल्द से जल्द भवन का निर्माण करना शुरू करें।जिन निकायों  में  आवास उपलब्ध हैं उन्हें जल्द से जल्द पात्र हितग्राहियों को आबंटित करें। श्री  अग्रवाल ने उच्च अधिकारियों को निकायों में एनर्जी ऑडिट शुरू करने के निर्देश भी दिए हैं । उन्होंने निकायों को निर्देश दिए है कि वे आय व्यय के अंतर को कम कर मितव्ययिता से कार्य करें और खर्च कम कर आय के स्रोत निर्मित करें। उन्होंने कहा कि आमदनी बढ़ाने के लिए निकाय के क्षेत्र ने आने वाले तालाबों को मछली पालन के लिए देने के सम्बन्ध नीति की समीक्षा करें। श्री अग्रवाल ने निर्देश दिए कि  जिन व्यक्तियों ने भवन निर्माण से पहले निकाय से भवन अनुज्ञा नहीं ली है उनके विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई करें।  उन्होंने कड़ाई से कहा कि अब शासन द्वारा किसी भी स्थिति में अंतर की राशि का भुगतान नहीं किया जायेगा ।अति आवश्यक होने पर या विशेष परिस्थितियों में  लोन के रूप में राशि दी जायेगी।उन्होंने निकायों को संपत्ति कर की वसूली में कड़ाई बरतने के निर्देश भी दिए हैं। उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी निकायों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 2011 की जनगणना के अनुसार संपत्ति कर वसूलें। उनहोंने निकायों में कार्यरत सेट अप का जल्द से जल्द पुनर्निर्धारण करने को भी कहा है।नगरीय प्रशासन और विकास विभाग के सचिव डॉ रोहित यादव ने आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत डोर टू डोर कचरे का संग्रहण कराना सुनिश्चित करें और सम्बंधित जिला कलेक्टरों से डंपिंग ग्राउंड हेतु जल्द से जल्द भूमि लेकर सूचित करें। डॉ. यादव ने  निकायों में डोर टू डोर कचरे का संग्रहण करने के लिए उपलब्ध वाहन और अतिरिक्त वाहनों की आवश्यकता  की जानकारी भी जल्द से जल्द देने को कहा है. नगरीय प्रशासन और विकास विभाग के संचालक श्री निरंजन दास ने निकायों को निर्देश दिए कि वे मंत्री महोदय द्वारा लोक सुराज के दौरान की गयी निर्माण कार्यों की घोषणाओं के लिए संचालनालय को जल्द से जल्द प्रस्ताव भेजें ताकि कार्य प्रारंभ किया जा सके । उन्होंने निर्माण कार्यों के लिए यथा संभव वार्षिक निविदा करने के निर्देश दिए और अख़बारों में कम से कम मूल्य के विज्ञापन जारी करें ताकि फिजूल खर्ची न हो। उन्होंने निकाय द्वारा व्यर्थ के विज्ञापनों में व्यय न किया जाये। बैठक में संयुक्त सचिव श्री जितेंद्र शुक्ल ने निर्देश दिए कि निकाय क्षेत्र में स्थित दुकानों से किराया वसूलने में भी कड़ाई बरतें।जो दुकानदार किराया नहीं दे रहे ,उन पर नियमानुसार कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें। बैठक में संसदीय सचिव श्रीमती सुनीति राठिया सहित नगरीय प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और नगरीय निकायों के अधिकारी,उप अभियंता भी मौजूद थे।