सरोवर धरोहर योजना


  • क्षेत्रों में स्थित तालाबों के पुनरोद्धार, गहरीकरण (जनभागीदारी द्वारा) सौन्दर्यीकरण एवं पर्यावरण सुधार की दृष्टि से सरोवर धरोहर योजना प्रारंभ की गई है।
  • योजनांतर्गत 590 परियोजनाएं स्वीकृत।
  • करीब 106 करोड़ की लागत से 473 परियोजनाएं पूर्ण।

ज्ञानस्थली योजना


  • राज्य के शहरी क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों के जीर्णोद्धार तथा अतिरिक्त कमरों के निर्माण हेतु ज्ञानस्थली योजना लागू की गई है।
  • योजनांतर्गत कुल 1035 शाला भवनों के लिए राशि रूपये 3949.48 लाख स्वीकृत।
  • 999 शाला भवनों में निर्माण कार्य पूर्ण।

उन्मुक्त खेल मैदान

  • राज्य के शहरी क्षेत्रों में स्थित खेल मैदानों के संरक्षण एवं नवीन खेल मैदान बनाने हेतु उन्मुक्त खेल मैदान योजना लागू की गई है।
  • इस योजनांतर्गत कुल स्वीकृत 183 परियोजनाओं के लिए राशि रूपये 1041.32 लाख स्वीकृत।
  • 170 परियोजनाएं पूर्ण।

पुष्प वाटिका उद्यान योजना


  • राज्य के शहरी क्षेत्रों में रिक्त स्थानों एवं कालोनियों के बीच स्थित स्थानों को विकसित कर उद्यान बनाने हेतु पुष्प वाटिका उद्यान योजना लागू की गई है।
  • योजनांतर्गत कुल स्वीकृत 344 परियोजनाओं के लिए राशि रूपये 4062.93 लाख व्यय कर 279 परियोजनाएं पूर्ण ।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वावलंबन योजना


  • असंगठित रूप से गुमटी-ठेले एवं फेरी लगाकर जीविकोपार्जन करने वाले परिवारों के आर्थिक उत्थान हेतु पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वावलंबन योजना लागू की गई है।
  • इस योजना के तहत प्रति गुमटी राशि रूपये 20,000 का प्रावधान।
  • नगरीय निकायों को शत-प्रतिशत अनुदान। योजनांतर्गत अब-तक 3691 गुमटियों हेतु राशि रूपये 617.80 लाख स्वीकृत कर।

मुख्यमंत्री स्वालंबन योजना


  • राज्य शासन द्वारा 1 जुलाई 2003 से प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के बेरोजगार नवयुवकों तथा नवयुवतियों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने हेतु दुकान/चबूतरा उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री स्वालंबन योजना लागू।
  • अभी तक राशि रूपये 2347.56 लाख की लागत से 7944 दुकानों तथा 5429 चबूतरों का निर्माण की स्वीकृति।
  • 7574 दुकान व चबूतरा पूर्ण।
  • राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री स्वालंबन योजना के अंग के रूप में प्रदेश की शिक्षित बेरोजगार महिलाओं को सस्ता सुरक्षित एवं मूलभूत सुविधा युक्त बाजार उपलब्ध कराने तथा उनके कौशल, श्रम द्वारा तैयार उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से महिला समृद्धि बाजार योजना लागू की गई है।
  • प्रथम चरण में प्रदेश के 50,000 से अधिक जनसंख्या वाले नगरीय निकायों को शामिल किया गया है।
  • योजनांतर्गत अभी तक 778 दुकानों का निर्माण हेतु राशि रूपये 194. 50 लाख की स्वीकृत किया गया है जिसमें 515 दुकानें पूर्ण।

ट्रांसपोर्ट नगर योजना


  • प्रदेश में यातायात व्यवस्था को सुगम एवं सुव्यवस्थित बनाने हेतु 8 निकायों में ट्रांसपोर्ट नगर योजना प्रारंभ की गई है।
  • योजनांतर्गत कुल 08 निकायों में राशि रूपये 21.31 करोड़ की योजना के विरूद्ध व्यय राशि रूपये 14.97 करोड़ है।
  • 08 परियोजना पूर्ण।

गोकुल नगर योजना


  • नगर में स्थित डेयरी व्यवसाय को शहर के बाहर व्यवस्थित रूप से बसाने हेतु राज्य शासन द्वारा गोकुल नगर योजना प्रारंभ की गई है।
  • योजनांतर्गत अभी तक राशि रू. 1597.00 लाख की लागत से 08 नगरीय निकायों को आबंटित किए गए हैं।
  • 08 परियोजना पूर्ण।

प्रतीक्षा बस स्टैण्ड योजना


  • सड़क मार्ग आवागमन का महत्वपूर्ण साधन है। अतः आवागमन को सरल बनाने हेतु राज्य शासन द्वारा प्रतीक्षा बस स्टैण्ड योजना लागू की गयी है।
  • योजनांतर्गत अब तक कुल 560 सार्वजनिक प्रसाधन हेतु राशि रू. 6383.81 लाख की स्वीकृति प्रदानकर 472 प्रसाधन का कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
  • योजनांतर्गत अभी तक कुल 132 निकायों को राशि रूपये 3303.91 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई है जिसमें से 119 निकायों में कार्य पूर्ण किया जा चुका है।

  • नगरीय निकायों में सार्वजनिक स्थानों पर सार्वजनिक शौचालय जैसी आवश्यक जन सुविधाओं की कमी को देखते हुए समस्त नगरीय निकायों में शत-प्रतिशत अनुदान देकर सार्वजनिक शौचालय निर्माण की योजना प्रारंभ की गई है।
  • इस योजना में अनुभवों को देखते हुए अब शेष स्थानों पर बस स्टैण्ड व सुव्यवस्थित बाजार की उपलब्धता हेतु प्रतीक्षा बस स्टैण्ड सह व्यवसायिक परिसर (प्रतीक्षा बस स्टैण्ड योजना-द्वितीय चरण) बनाने का निर्णय लिया गया है।
  • योजनांतर्गत अभी तक कुल 132 निकायों को राशि रूपये 3303.91 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई है जिसमें से 119 निकायों में कार्य पूर्ण किया जा चुका है।

मुक्तिधाम योजना


  • शहरी क्षेत्र के सभी धर्मों के अनुयायियों के लिए सुव्यवस्थित मुक्तिधाम योजना प्रारंभ की गई है।
  • योजनांतर्गत क्रिमेशन शेड, आर.सी.सी.रोड, स्टोरेज एरिया, गार्डन, पेयजल शौचालय, विद्युतीकरण, एवं चौकीदार क्वार्टर एवं वाहन पार्किंग जैसी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जावेगी।
  • वर्तमान में 266 स्थानों पर कार्य पूर्ण।

हाट बाजार समृद्धि का आधार योजना


  • गुमटी, ठेले एवं फेरी लगाकर जीविकोपार्जन करने वाले परिवारों के आर्थिक उत्थान एवं ग्रामीण क्षेत्रों के उत्पादक वस्तुओं के सुलभ तरीके से विक्रय हेतु वर्ष 2007-08 में हाट बाजार समृद्धि का आधारयोजना प्रारंभ की गई।
  • योजना के तहत हाट बाजार व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए नगरीय क्षेत्रों में एक-एक बड़ा स्थान हाट बाजार के रूप में विकसित किया जाना है, जिसमें नीलामी चबूतरा, चबूतरे के निर्माण, पार्किंग व्यवस्था, प्रकाश, जल, ड्रेनेज एवं सार्वजनिक प्रसाधन के निर्माण का प्रावधान है।
  • योजनांतर्गत अब तक 146 हाट बाजार के लिए राशि रूपये 6446.12 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई है।
  • योजनांतर्गत अब तक 92 परियोजना पूर्ण किया गया है।

सांस्कृतिक भवन निर्माण योजना


  • नगरीय क्षेत्रों में सांस्कृतिक, मांगलिक एवं अन्य सामाजिक कार्यो हेतु एक सुलभ सुसज्जित भवन उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2007-08 में सांस्कृतिक भवन निर्माण योजना की शुरूआत।
  • योजनांतर्गत अभी तक 169 में से 97 नगरीय निकायों में सांस्कृतिक भवन निर्माण पूर्ण।

भागीरथी नल-जल योजना


  • पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित तंग बस्ती क्षेत्रों में निवासरत राज्य के लगभग 5.00 लाख गरीब परिवार को निःशुल्क नल संयोजन प्रदान किये जाने हेतु राज्य में भागीरथी नल-जल योजना लागू की गई है।
  • भागीरथी नल जल योजना वर्तमान में 144 नगरीय निकायों में 241205 गरीब परिवारों को निःशुल्क नल संयोजन प्रदान करने हेतु राशि रूपये 72.36 करोड़ स्वीकृत किए गए है, जिसमें से 124165 नल संयोजन का कार्य पूर्ण।
  • भारत सरकार, शहरी विकास मंत्रालय द्वारा नगर पालिका परिषद कवर्धा को भागीरथी नल जल योजना को वर्ष 2011-2012 में उत्कृष्ठ क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

श्रध्दांजलि योजना


  • नगरीय निकाय क्षेत्रों में निवासरत् गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले पारिवारों के किसी भी सदस्य के मृत्यु होने पर, उनके अंतिम संस्कार के लिए, श्रध्दांजलि योजना प्रारंभ की गई है।
  • योजना के अंतर्गत राशि रू. 2000 की वित्तीय सहायता।

वॉटर ए.टी.एम.


  • समस्त नगरीय निकायों में स्वच्छ एवं उच्च गुणवत्ता के शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु वॉटर ए.टी.एम. की स्थापना किये जाने की योजना शुरू की गई है।
  • वॉटर एटीएम से टोकन राशि 01 रू. में 05 लिटर शुद्ध पेयजल प्राप्त हो सकेगा।
  • इस योजना के तहत प्रदेश के सभी 12 नगर निगमों में 10-10, समस्त 44 नगर पालिकाओं में 02-02 तथा समस्त 113 नगर पंचायतों में 01-01 इस प्रकार कुल 321 वॉटर ए.टी.एम. स्थापित किए जाएंगे।
  • 3 अप्रैल 2015 को बिलासपुर नगर निगम से इस योजना का शुभारंभ।

आई.एल.सी.एस. योजना


  • शौचालय विहीन शहरी गरीब परिवारों के लिए व्यक्तिगत शौचालय निर्माण की केन्द्र प्रवर्तित ‘‘आई.एल.सी.एस.’’ योजना लागू की गई है।
  • प्रथम चरण में रायपुर, दुर्ग, भिलाई, जगदलपुर, बिलासपुर एवं अंबिकापुर शहरों के लिए 26018 यूनिट शौचालय स्वीकृत है
  • जिनमें से 18505 शौचालयों के निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है।

राजीव आवास योजना


  • भारत सरकार द्वारा झुग्गी मुक्त भारत के उद्ेश्य की पूर्ति हेतु राजीव आवास योजना प्रारंभ की गयी है।
  • जिसमें मौजूदा स्लम निवासियों को आवास एवं अधोसंरचना उपलब्ध कराया जाना है।
  • योजना के तहत लाल गंगा झुग्गी बस्ती रायपुर में 64 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है जिसे शीघ्र ही हितग्राहियों को आबंटित किया जाना है।

राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन


  • 1 अप्रैल, 2014 से भारत सरकार, छत्तीसगढ़ शासन एवं नगरीय निकायों के संयुक्त प्रयासो से शहरी गरीबों के उत्थान के लिए ‘‘राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन’’ का संचालन किया जा रहा है।
  • यह मिशन क्षमता संवर्धन, स्वरोजगार, सामाजिक सुरक्षा तथा महिला समूहो का संस्थागत विकास के द्वारा शहरी गरीबों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
  • इस मिशन के अंतर्गत बेघर नागरिकों को आश्रय तथा आवश्यक सेवाएं उपलब्ध करायी जाएगी।
  • पथ विक्रेताओं की समस्याओं को दूर करते हूए, समुचित स्थानों पर हॉकर्स कॉर्नर विकसित किये जाएंगे।
  • मिशन मे छत्तीसगढ़ के कुल 28 निकाय सम्मिलित किये गये है- रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, जशपुरनगर, अंबिकापुर, बैकुंठपुर, जगदलपुर, कांकेर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा, धमतरी, महासमुंद, दुर्ग, राजनांदगांव, भिलाई, कवर्धा, गरियाबंद, बेमेतरा, बालोद, सुरजपुर, बलरामपुर, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, बलौदाबाजार, कोण्डागांव।
  • राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में सम्मिलित न होने वाले शेष 141 निकायों हेतु राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2015-16 राज्य प्रवर्तित मुख्यमंत्री राज्य शहरी आजीविका मिशन गठित कर क्रियान्वित किया जायेगा।
  • जिससे शेष 141 निकायों के शहरी गरीब परिवारों के आर्थिक उत्थान, महिला सशक्तिकरण स्वयं सहायता समूहों का निर्माण, कौशल उन्नयन एवं प्रशिक्षण आदि गतिविधियॉ का क्रियान्वयन किया जायेगा।
  • भारत सरकार द्वारा जेएनएनयूआरएम सुधार कार्यक्रम के अंतर्गत निकाय द्वारा दी जा रही सेवाओं से संबंधित शिकायतों के निवारण के तंत्र स्थापना हेतु प्रतिबद्धता दी गई है।
  • इस उद्देश्य के पूर्ति हेतु राज्य के समस्त 10 नगर पालिक निगम में 06 मार्च 2012 को ‘‘ऑनलाईन जनशिकायत निवारण प्रणाली निदान-1100’’ का शुभारंभ किया गया।
  • निदान-1100 सेवा के तहत वर्तमान में 02 मूलभूत नगरीय सेवाओं सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था एवं जल प्रदाय सेवा से संबंधित शिकायतों का निवारण।
  • आम नागरिक टोल-फ्री नंबर-1100, निकायों में स्थित निदान-1100 की शिकायत खिड़की एवं वेब साईट के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
  • इस हेतु राज्य स्तर पर सुबह 08.00 बजे से सायं 06.00 बजे तक कॉल सेंटर संचालित है।